147 IPC In Hindi: जानिए, क्या है आईपीसी की धारा 147

147 IPC In Hindi | 147 धारा क्या है

147 IPC In Hindi : यह Riots (दंगों) की बात करता है इस तरह के अपराध जो हमारे समाज में शांति को भंग करते हैं जो बात करता है। Riots का अर्थ दंगा करना या फिर बलवा करना है। जहां पर भारी संख्या में लोग जाते हैं और अस्वीकार्य गतिविधि (unlawful assembly) हो जाती है।

147 IPC In Hindi Unlowfull Assembly (अनलॉफुल असेंबली)

147 धारा क्या है: अब आपके मन में आया होगा कि यह अनलॉफुल असेंबली क्या होती है? इसका सीधा सा मतलब यह है कि आप एक जगह इकट्ठा हो रहे हैं और ऐसा करने के लिए आप ने सरकार से परमिशन भी नहीं है। अगर वहां पर दंगा फसाद या फिर हिंसक गतिविधियां होती है तो आपके ऊपर आईपीसी की धारा 147 से 149 तक कोई धारा लगाई जा सकती है।

147 IPC In Hindi जब आप दंगे फसाद करोगे उसकी सजा क्या मिलेगी इसके बारे में 147 बात करता है। अगर कोई व्यक्ति दंगा-फसाद में शामिल है तो उसमें क्या सजा मिल सकती है। Riots (दंगे) में बल (Force) और हिंसा (Violence) का होना जरूरी है।

  1. बल (Force)- आईपीसी की धारा 147 बल का अर्थ किसी दूसरे व्यक्ति को एक दूसरा व्यक्ति पीट रहा है तो उसे बल के अंतर्गत परिभाषित किया जाएगा।
  2. हिंसा (Violence)- आईपीसी की धारा 147 हिंसक अर्थ यह है कि अगर आप किसी सरकारी संपत्ति या फिर निजी संपत्ति में तोड़फोड़ करते हैं तो आपके ऊपर हिंसा तक मुकदमा दर्ज होगा। संपत्ति के अंतर्गत कई अन्य वस्तुएं भी आती है जैसे किसी की गाड़ी में आग लगाना या फिर सड़क के ऊपर खड़े किसी भी वाहन में तोड़फोड़ करना इत्यादि।

147 IPC In Hindi की धारा में सजा क्या मिलेगी?

147 IPC In Hindi: अनलॉफुल असेंबली के अंतर्गत अगर जिसके ऊपर ट्रायल चलता है और जो व्यक्ति इसका दोषी पाया जाता है तो उसके अंतर्गत हैं अलग अलग तरीके से उसको सजा का प्रावधान है।

आईपीसी की धारा 147 में आप 5 या अधिक व्यक्ति मिलकर इस कार्य को अंजाम देते हैं तो यह एक दंगा फसाद के अंदर आपके ऊपर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा और आपको आईपीसी की धारा 147 के अंदर के अंतर्गत सजा मिलेगी।

आईपीसी की धारा 147 यह कहती है कि अगर आप 5 या अधिक व्यक्ति मिलकर ऐसे कार्य को अंजाम देते हैं जिससे कि सरकारी या फिर निजी संपत्ति को नुकसान हो रहा है और आप हिंसा को भड़काने का काम कर रहे हैं तो आपको पुलिस बिना किसी F.I.R. के भी गिरफ्तार कर सकती है। 

147 IPC In Hindi में जमानत कैसे मिलती है?

आईपीसी की धारा 148 के अंतर्गत सजा का प्रावधान 3 साल से अधिक के हो जाती है इसमें जुर्माने का प्रावधान भी है। अगर सिर्फ बल का प्रयोग हुआ है तो सिर्फ 2 साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है जो भी उचित होगी माननीय न्यायालय द्वारा दी जाएगी।अगर यही अनलॉफुल असेंबली हिंसक घटना का रूप ले लेती है तो इसमें शामिल सभी अपराधियों को आईपीसी की धारा 148 के अंतर्गत सजा मिलती है।

आईपीसी की धारा 149 कौन-कौन प्रैक्टिस में शामिल थे जैसे अगर 50 लोग इस असेंबली में शामिल होते हैं तो तो यह 50 लोग भी अगर एक ही माइंडसेट से इस कृत्य को अंजाम देते हैं तो इन सभी के ऊपर धारा 149 के प्रावधान लागू होंगे। धारा एक सौ पचास में सजा के दो प्रावधान किए गए हैं इसमें ट्रायल के दौरान की देखा जाता है कि किन लोगों ने दंगे भड़काने का काम किया और किन लोगों ने दंगे को अंजाम तक ले जाने के लिए सहयोग दिया यह ट्रायल का विषय है

यह जब कोर्ट में जाता है तो उसके बाद ही डिसाइड किया जाता है कि यह कृत्य किन किन व्यक्तियों ने किस किस तरीके से किया है इसके बाद ही यह जज के सामने साबित की जाती है कि कौन से व्यक्ति में शामिल थे

आईपीसी की धारा 150  इन सब गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अगर कोई व्यक्ति फंडिंग करता है यानी कि अनलॉफुल एक्टिविटी को अंजाम देने के लिए पैसे देता है तो जो व्यक्ति फंडिंग करता है वह भी इन्हीं धाराओं के अंतर्गत सजा का भुगतान करेगा।

दंगों के बारे में पढ़ते समय IPC SECTION 147 यानी IPC की धारा 146 को भी पढ़ा जाए। आईपीसी की धारा 146 में विद्रोह का गठन इस प्रकार परिभाषित किया गया है। जब भी किसी गैरकानूनी सभा या उसके किसी सदस्य द्वारा उस सभा के सामान्य उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए बल या हिंसा का उपयोग किया जाता है, तो उस सभा का प्रत्येक सदस्य अपराध, दंगा का दोषी होता है।

धारा 149 को आईपीसी की कई अन्य धाराओं के साथ पढ़ा जाना चाहिए, जैसे कि धारा 120 ए, जो आपराधिक साजिश को परिभाषित करती है, धारा 120 बी, जो आपराधिक साजिश को दंडित करती है, और धारा 149, जो गैरकानूनी रूप से एक असेंबली बनाना से संबंधित है।

आईपीसी की धारा 149 को उस गैरकानूनी असेंबली के  अपराध के रूप में आसानी से व्याख्या की जा सकती है, या यदि उस असेंबली के सदस्यों को पता था कि यह उस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध होगा, उसी असेंबली के किसी भी व्यक्ति के सदस्य उस अपराध को करने के समय इस अपराध में दोषी होगा।

निष्कर्ष

जो कोई भी दुर्भावनापूर्ण या मनमाने ढंग से, एक गैरकानूनी कार्य द्वारा, किसी को भी उकसाता है, अगर इस तरह के उकसावे के परिणामस्वरूप कोई भी व्यक्ति अगर हिंसक घटना करता है तो वह कारावास के लिए दंडित किया जाएगा। 

एक अवधि, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों; और यदि सामूहिक अव्यवस्था का अपराध नहीं किया जाता है, तो दो में से एक अवधि के लिए छह महीने तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है।दंगों के लिए जिम्मेदार लोगों को दो साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। 

अपमान का अपराध (धारा 148) न्यूनतम वेतन के 1,000 गुना तक जुर्माना या सामुदायिक सेवा में मानहानि, सुधारात्मक श्रम, या कारावास के लिए समान दंड का परिणाम हो सकता है।

आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 146 (अपमान), 147 (आपराधिक परिवाद) और 148 (सार्वजनिक अपमान) एक मौद्रिक मंजूरी प्रदान करते हैं। आपराधिक संहिता के अनुच्छेद 148 में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति जो अव्यवस्था का दोषी है, एक घातक हथियार या किसी भी चीज से लैस है जिसे अपराध के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, मौत का कारण बन सकता है, और दो में से एक के लिए कारावास से दंडित किया जाता है। जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है या जुर्माना या दोनों हो सकता है।

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